देश भर में आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें हमेशा से ही चिंता का विषय रही हैं, क्योंकि इनकी कीमतें सीधे रोजमर्रा के खर्च, माल ढुलाई और परिवार के बजट को प्रभावित करती हैं। 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होने के बाद पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी की गईं, और इसके बाद भी अधिकांश प्रमुख शहरों में इन ईंधनों के दाम काफी स्थिर बने हुए हैं, जिससे आम आदमी को फिलहाल राहत मिल रही है।
केंद्रीय बजट 2026 के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने ईंधन पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है, जिसकी वजह से देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों के वैट और स्थानीय टैक्स के कारण हर शहर में कीमतों में थोड़ा फर्क जरूर देखने को मिल रहा है। महानगरों में अब भी पेट्रोल 100 रुपये के आसपास बना हुआ है, जबकि कुछ शहरों में यह इससे कम है।
राजधानी नई दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल की कीमत करीब 94 से 95 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि डीजल लगभग 87 से 88 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई जैसे बड़े शहर में टैक्स ज्यादा होने की वजह से पेट्रोल 104 रुपये से ऊपर और डीजल करीब 90 से 92 रुपये प्रति लीटर के बीच है। कोलकाता में भी हालात लगभग मुंबई जैसे ही हैं, जहां पेट्रोल 103 से 104 रुपये और डीजल करीब 91 रुपये प्रति लीटर के आसपास चल रहा है।
दक्षिण भारत के शहरों में भी कीमतें ज्यादा हैं। चेन्नई में पेट्रोल करीब 100 से 101 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92 रुपये से ऊपर बना हुआ है। बेंगलुरु में पेट्रोल लगभग 103 रुपये और डीजल 91 रुपये के आसपास मिल रहा है। इन शहरों में परिवहन खर्च और राज्य टैक्स की वजह से ईंधन के दाम ऊंचे रहते हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
पश्चिम भारत के अहमदाबाद जैसे शहरों में पेट्रोल अपेक्षाकृत सस्ता है। यहां पेट्रोल करीब 94 से 95 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 90 रुपये के आसपास है। लखनऊ, जयपुर और भोपाल जैसे शहरों में भी पेट्रोल 95 से 98 रुपये के बीच और डीजल 88 से 91 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। इन शहरों में महानगरों की तुलना में ईंधन थोड़ा सस्ता मिलता है।
कुल मिलाकर बजट 2026 के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए फिलहाल कीमतें स्थिर रखने का संकेत दिया है। आम जनता के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि महंगाई पहले से ही कई जरूरी चीजों पर असर डाल रही है। आने वाले दिनों में अगर कच्चे तेल की कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ीं, तो पेट्रोल-डीजल के दाम इसी स्तर पर बने रहने की उम्मीद है।


